Home

CBSE

NIOS

B.COM

B.A. (SOL)

GOVT. EXAM

Blog

Contact Us

Hindi
हिन्दी (ऐच्छिक)
HINDI (Elective)
Time : 3 Hours 
निर्धारित समय : 3 घण्टे 
Maximum Marks : 100
अधिकतम अंक : 100 

सामान्य निर्देश:
(i) इस प्रश्न-पत्र में 14 प्रश्न हैं ।
(ii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
(iii) विद्यार्थी यथासंभव अपने शब्दों में उत्तर लिखें।
खण्ड क

प्र.1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
लोक-कलाएँ जीवन के अंग-प्रत्यंग से जुड़ी रहती थीं । कठिन शारीरिक श्रम के काम संगीत से हलके किये जाते थे। पेड़ काटना, नाव चलाना, बोझ खींचना, चक्की पीसना आदि किसी-न-किसी प्रकार के संगीत से जुड़े होते थे । हर ऋतु के अपने गीत और नृत्य होते थे । जन्म, विवाह आदि के अवसर नृत्य और गायन के अवसर तो होते ही थे, उनसे चित्रांकन, मिट्टी की कलाएँ, काष्ठ शिल्प आदि भी संबद्ध होते थे । आर्थिक क्रियाओं में भी किसी-न-किसी तरह जाने-अनजाने कलाएँ प्रवेश पा जाती थीं । धर्म और जादू-टोने से भी कलाएँ असंपृक्त नहीं होती थीं । सच तो यह है कि धार्मिक क्रियाओं और लोक-कलाओं में सावयवी संबंध था । यह कहना शायद उचित न हो कि शुद्ध सौंदर्यवादी दृष्टि से कलात्मक सृजन होता ही नहीं था, परन्तु यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि कलाओं का उपयोगवादी पक्ष किसी भी दृष्टि से गौण नहीं था। आद्यकला-सृष्टियों के कई रूपों के संबंध में आज हम केवल अनुमान ही कर सकते हैं, उनके व्यवहारवादी पक्षों पर प्रामाणिक टिप्पणी करना संभव नहीं है । अल्जीरियाई सहारा मरुस्थल के मध्य आश्चर्यजनक चित्रकला के नमूने अवशिष्ट हैं, जो कठिन यात्रा के बावजूद हर वर्ष हजारों दर्शकों को अपनी ओर खींचते हैं।

आदिमानव ने इन चित्रों की रचना क्यों की ? आज इस प्रश्न का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जा सकता । ये चित्र सौंदर्यबोध को तो प्रमाणित करते हैं, पर शायद उनके साथ कोई धार्मिक या आर्थिक कार्य भी जुड़े हों । यही प्रश्न भोपाल के समीप भीमबेटका के चित्रों को देखकर उठता है। आदिमानव ने यूरोप में ‘विलेनडार्फ की वीनस' की प्रसिद्ध मूर्ति क्यों गढ़ी ? सिंधु सभ्यता से जुड़ी चित्रकला और मूर्तिकला के पीछे मूल भावना क्या थी ? ये प्रश्न ऐसे हैं जिनका सीधा उत्तर देना संभव नहीं है किंतु निश्चित है कि ये धरोहरें मानव मन की और उसकी संस्कृति की विकास यात्रा को समझने में सहायक हो सकती है । संस्कृतिविश्लेषण की नयी विधाओं ने इस सामग्री का उपयोग कर जीवनदर्शन, सामाजिक मूल्य, सांस्कृतिक प्राथमिकताओं आदि पर गंभीर शोध किया है, जो संस्कृतियों के बाह्यरूप मात्र को देखकर संभव नहीं होता। ये कलाएँ सौंदर्यबोध की अभिव्यक्ति करती थीं और उनके द्वारा व्यक्तियों और समूहों को सृजनात्मक आनंद भी प्राप्त होता था।

(क) उपर्युक्त गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए। 

1
(ख) कैसे कह सकते हैं कि श्रमसाध्य कार्य भी लोक संगीत से जुड़े रहते थे ? 

2
(ग) दो बिंदुओं का उल्लेख कर पुष्टि कीजिए कि लोक-कलाएँ जीवन के अंग-प्रत्यंग से जुड़ी होती थी 

2
(घ) अल्जीरिया और भीमबेटका का उल्लेख क्यों हुआ है ? 

2
(ङ) लोक-कलाओं की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।

2
(च) कुछ प्रश्नों का सीधा उत्तर देना संभव क्यों नहीं है ? 

2
(छ) लोककलाओं की प्राचीन धरोहरें किन बातों को समझने में सहायक हो सकती हैं ? 

2
(ज) कैसे कह सकते हैं कि धार्मिक क्रियाओं और लोककलाओं में परस्पर गहरा संबंध था ?

2
प्र.2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

    प्रात: बेला
    टटके सूरज की ओर देखे कितने दिन बीत गए
    नहीं देख पाया पेड़ों के पीछे
    उसे छिप-छिपकर उगते हुए
    नहीं सुन पाया भोर होने से पहले चिड़ियों का कलरव
    नहीं पी पाया दुपहरी की बेला
    आम के बगीचे की झुर-झुर बहती शीतल बयार ।
    आज भी जाता होगा
    किसानों, औरतों, बच्चों-बेटियों का जत्था
    होते ही उजास गेहूं काटने
    घर के पिछवाड़े डालियों पत्तियों में झिलमिलाता
    डूबता सूरज बहुत याद आता है।
    अपने चटक रंगों को लिए गाँव के बगीचे में
    झरते हुए पीले-पीले पत्ते कब देखूगा ?
    उसकी डालियों शाखाओं पर
    आत्मा को तृप्त कर देने वाली
    नई-नई कोपलें कब देबूंगा ?

(क) उगते सूर्य के बारे में कवि ने क्या कल्पना की है ? 1
(ख) गाँव में सुबह होने वाली हलचल का वर्णन कीजिए ।  1
(ग) कवि के मन में डूबते सूरज का कैसा चित्र है ? 1
(घ) गाँव के बगीचे में दुपहरी और पतझड़ की कवि मन की स्मृतियाँ अपने शब्दों में लिखिए । 1
(ङ) भाव स्पष्ट कीजिए : 1
      आत्मा को तृप्त कर देने वाली
      नई-नई कोपलें कब देखूगा ?

खण्ड - ‘ख’

प्र.3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए : 10
(क) सैनिक का जीवन
(ख) प्रगतिपथ पर भारत
(ग) मेरा प्रिय कवि 
(घ) वन रहेंगे, हम रहेंगे

प्र.4. आपका युवक मंगल दल मुहल्ले के एक उद्यान का रखरखाव स्वयं करना चाहता है। अपनी योजना का संक्षिप्त विवरण देते हुए ज़िला उद्यान अधिकारी को अनुमति प्रदान करने हेतु पत्र लिखिए ।  5

अथवा

भारतीय समाज में लिंग के आधार पर व्यवहार में भेदभाव करने की समस्या पर किसी समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए और समाधान का एक उपाय भी सुझाइए।

प्र.5. निम्नलिखित प्रश्नों का संक्षेप में उत्तर लिखिए :
(क) “समाचार' शब्द को परिभाषित कीजिए ।  1
(ख) प्रिंट मीडिया का महत्त्व दो बिंदुओं में समझाइए ।  1
(ग) मीडिया को लोकतंत्र का चौथा खंभा क्यों कहा जाता है ? 1
(घ) संपादक के दो मुख्य कार्यों का उल्लेख कीजिए।  1
(ङ) खोजी पत्रकारिता से आप क्या समझते हैं ?

1
प्र.6. “भारतीय कृषक की असहायता' अथवा 'रोजगार के बढ़ते अवसर पर एक आलेख लिखिए । 5

खण्ड - ‘ग

प्र.7. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 5

    किसी अलक्षित सूर्य को
    देता हुआ अर्थ्य
    शताब्दियों से इसी तरह
    गंगा के जल में
    अपनी एक टाँग पर खड़ा है यह शहर
    अपनी दूसरी टाँग से
    बिलकुल बेखबर ।

प्र.8. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर संक्षेप में दीजिए : (3+3=6)

(क) ‘दीप अकेला' का प्रतीकार्थ समझाते हुए लिखिए कि व्यष्टि का समष्टि में विलय क्यों और कैसे संभव है ?

(ख) युधिष्ठिर जैसा संकल्प का अभिप्राय स्पष्ट करते हुए सत्य और संकल्प का अंत:संबंध स्पष्ट कीजिए।

(ग) “महीं सकल अनरथ कर मूला” भरत के इस कथन पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

प्र.9. निम्नलिखित में से किन्हीं दो काव्यांशों का काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए : (3+3=6)

(क) टूटहिं बुंद परहिं जस ओला । बिरह पवन होइ मारै झोला ।।
      केहिक सिंगार को पहिर पटोरा । जियँ नहिं हार रही होइ डोरा ।।

(ख) ऊँचे तरुवर से गिरे
      बड़े-बड़े पियराए पत्ते
      कोई छह बजे सुबह जैसे गरम पानी से नहाई हो
      खिली हुई हवा आई, फिरकी-सी आई, चली गई।

(ग) हेम कुंभले उषा सवेरे।
     आती ढुलकाती सुख मेरे
     मदिर ऊँघते रहते जब
     जगकर रजनी भर तारा

प्र.10. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 6

दुरंत जीवनशक्ति है । जीना भी एक कला है । लेकिन कला ही नहीं, तपस्या है, जियो तो प्राण ढाल दो ज़िंदगी में, मन ढाल दो जीवन-रस के उपकरणों में । ठीक है । लेकिन क्यों ? क्या जीने के लिए जीना ही बड़ी बात है ? सारा संसार अपने मतलब के लिए ही तो जी रहा है।

प्र.11. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लिखिए : (4+4=8)

(क) “मनोकामना की गाँठ’ को ‘दूसरा देवदास' कहानी में अद्भुत, अनूठी क्यों कहा गया है ? पारो और संभव की मनोदशा के संदर्भ में समझाइए ।

(ख) “मैं जहाँ जाता हूँ, छूछे हाथ नहीं लौटता” ‘कच्चा चिट्ठा' से उदाहरण देकर पुष्टि कीजिए।

(ग) “सुमिरिनी के मनके' के आधार पर तत्कालीन भारतीय समाज में व्याप्त मान्यताओं पर टिप्पणी कीजिए।

प्र.12. रामचंद्र शुक्ल अथवा भीष्म साहनी के जीवन और रचनाओं का संक्षिप्त परिचय देते हुए उनकी भाषा की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए । 6

अथवा

‘विद्यापति' अथवा 'निराला' के जीवन और रचनाओं का संक्षिप्त परिचय देते हुए उनकी कविताओं की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।

खण्ड - ‘घ'

प्र.13. “उसका मायावी कद अंदर ज़मीन में कितनी गहराई तक गया था और आसमानों में कितनी ऊँचाई तक ।” भूपसिंह के बारे में उक्त कथन के आलोक में उसके जीवन के प्रेरणादायक मूल्यों की सोदाहरण चर्चा कीजिए । 

5
प्र.14. (क) “तो हम सौ लाख बार बनाएँगे ।” इस कथन के संदर्भ में ‘सूरदास' का चरित्र चित्रण कीजिए।

5
(ख) “बिस्कोहर की माटी' में ऐसा क्या था कि लेखक को वह भुलाए नहीं भूलती ? उदाहारण सहित स्पष्ट कीजिए। 5

About Study Online Help

We provide notes for good marks in Exam. You can download and share with friends. Sample Paper, Practice Paper, Model Test Paper, Important Question, VBQ Question, HOTS Question. Download free PDF and Video. Prepared by expert teachers from the latest edition of CBSE (NCERT) books.

Disclaimer: This website is not affiliated with any Education Board/University in any manner what so ever.

info@studyonlinehelp.com